Thursday, 24 September 2020

  

हूआ दीदार जो आपका

चाँद को हकिकत में 

पा लिया हमने ...

लम्हे ठहर गये और

ख्वाब को हकिकत में

पा लिया हमने ...

गलें से जो लगा लिया आपने

स्वर्ग को धरती पर हीं

पा लिया हमने ...

इष्क की इन वादीयों में

दिल की गहराइयों को

पा लिया हमने ...

       -प्रसाद गोडांबे



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