जानकर भी अनजान बनना
ये आपका अंदाज नहीं
चाह कर अनचहा करना
ये आपकी फितरत नहीं
नजरे आपकी बयान करती हैं
हमसे नजरे चुराना नहीं
इश्क की इस गहराईयों में
दामन कभी छोडना नहीं
-प्रसाद गोडांबे
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